टिड्डियों के हमले को रोकने के लिए सरकार ने कौन-कौन से कदम उठाए

मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत तमाम प्रदेशों में टिड्डियों के दल ने आतंक मचा दिया है। ये टिड्डी दल जहां भी रुकते हैं वहां की फसलों पर सपरचट कर जाते हैं। जिससे किसानों के फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है।

टिड्डियों के हमले को रोकने के लिए सरकार ने कौन-कौन से कदम उठाए
Locust Attack in India

मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत तमाम प्रदेशों में टिड्डियों के दल ने आतंक मचा दिया है। ये टिड्डी दल जहां भी रुकते हैं वहां की फसलों पर सपरचट कर जाते हैं। जिससे किसानों के फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वह किसानों के दुश्मनों का नाथ करे। हालांकि, कई मोर्चों पर सरकार के कर्मचारी डटे हुए हैं और वह टिड्डियों से किसानों की फसल को बचाने के लिए कार्य भी कर रहे हैं। इस रिपोर्ट को आप पढ़िए, जिसमें सरकार ने टिड्डियों से निपटने के लिए दावे किए हैं। 

भारत में टिड्डी नियंत्रण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए जनवरी 2020 के दौरान माइक्रो, यूके से 10 ग्राउंड स्प्रे उपकरणों और जून 2020 में 15 उपकरणों का आयात किया गया। इसके अलावा 45 ग्राउंड स्प्रे उपकरण जुलाई 2020 में पहुंच जाएंगे और जुलाई तक टिड्डी सर्कल कार्यालयों के पास 100 से अधिक जमीनी नियंत्रण उपकरण होंगे।

  • वर्तमान में 60 नियंत्रण दल और 200 से अधिक केंद्र सरकार के कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण कार्यों में लगे हुए हैं।
  • ऊंचे पेड़ों और दुर्गम इलाकों में टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 12 ड्रोन के साथ 5 कंपनियों को टिड्डी नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के छिड़काव के लिए तैनात किया गया है। सभी जरूरी प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद टिड्डी नियंत्रण के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने वाला भारत पहला देश है।
  • नियंत्रण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 55 अतिरिक्त वाहन खरीदे गए हैं।
  • टिड्डी नियंत्रण संगठन के पास कीटनाशकों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है और राज्य सरकारों के पास भी इसकी पर्याप्त उपलब्धता है।
  • गृह मंत्रालय ने टिड्डों पर नियंत्रण के लिए पौधों के संरक्षण के लिए रसायनों के छिड़काव के लिए वाहनों, स्प्रे उपकरणों के साथ ट्रैक्टरों की तैनाती, पानी के टैंकरों को किराए पर लेने और एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ के तहत सहायता के नए मानदंडों के अनुसार टिड्डी नियंत्रण में पौधों की सुरक्षा के लिए रसायन की खरीद की स्वीकार्यता को शामिल किया है।
  • कृषि यांत्रिकीकरण पर उप-मिशन के तहत राजस्थान राज्य सरकार के लिए स्वीकृत स्प्रे लगे उपकरणों वाले 800 ट्रैक्टरों की खरीद के लिए सहायता (2.86 करोड़)।
  • आरकेवीवाई के तहत गाड़ियों, ट्रैक्टरों को किराए पर लेने के लिए राजस्थान राज्य के लिए 14 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर और कीटनाशकों की खरीद के लिए मंजूर किए जा रहे हैं।
  • टिड्डी के संबंध में गाड़ियों, स्प्रे उपकरणों, सुरक्षा वर्दी, एंड्रायड एप्लिकेशन, प्रशिक्षण के लिए गुजरात राज्य के लिए 1.80 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर।
  • विभिन्न स्तरों पर समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं (माननीय कृषि मंत्री, कैबिनेट सचिव, सचिव- डीएसी और एफडब्लू), विभिन्न राज्य सरकारों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित किए गए और टिड्डी नियंत्रण तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। जागरूकता के लिए स्थानीय लिखित सामग्री, स्वीकृत कीटनाशक का एसओपी और जागरूकता वीडियो भी सभी संबंधित राज्यों के सााथ साझा किया गया और एसओपी के तहत नियंत्रण के लिए राज्यों से सभी जरूरी तैयारी करने को कहा गया है।
  • गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और हरियाणा राज्यों में फसल को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।  हालांकि राजस्थान के कुछ जिलों में मामूली फसल नुकसान हुआ है।