सोनिया गांधी ने मोदी सरकार के समक्ष रखे 11 प्रस्ताव

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज 22 विभिन्न सियासी दलों के साथ बैठक की। सोनिया गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तहस नहस हो गई है।

सोनिया गांधी ने मोदी सरकार के समक्ष रखे 11 प्रस्ताव
Sonia gandhi and Pm Modi

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज 22 विभिन्न सियासी दलों के साथ बैठक की। सोनिया गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तहस नहस हो गई है। मजदूरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। ऐसे में देश को इस संकट से उभारने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 11 प्रस्तावों पर विचार किया, जिन्हें देश में लागू करना चाहिए। जो इस प्रकार है - 

 

  1. जो परिवार इंकम टैक्स की ब्रैकिट से बाहर हैं, उन सब परिवारों को 7,500 रुपए प्रति परिवार 6 माह के लिए दिए जाएं। 10 हजार रुपए फौरन दिया जाए और बाकी का पैसा अगले पांच महीनों की बराबर किश्तों में बांटकर दे दिया जाए।
  2. हर जरुरतमंद व्यक्ति को 6 महीने तक 10 किलो अनाज मुफ्त दिया जाए, इसके साथ-साथ महात्मा गांधी नरेगा के काम करने के दिनों की संख्या 200 कर दी जाए व महात्मा गांधी नरेगा स्कीम का इस बारे जरुरी तौर से बजट बढ़ा दिया जाए।
  3. हमारे राष्ट्र निर्माता मजदूरों की निःशुल्क घर वापसी का केन्द्र सरकार फौरी तौर से इंतजाम करे, इसके साथ-साथ विदेशों में फंसे हिन्दुस्तान के छात्र- छात्राओं और हिन्दुस्तान के नागरिकों को फौरन वापस लाने का सम्पूर्ण इंतजाम भारत सरकार द्वारा किया जाए।
  4. अनाप-शनाप और तानाशाही तरीके से मजदूरों के संरक्षण वाले लेबर कानूनों को जो खत्म किया जा रहा है, इस पूरी प्रक्रिया पर लगाम लगाएं और जहाँ-जहाँ इस प्रकार के मजदूरों विरोधी कानून पारित कर दिए गए हैं, इन 60 दिनों में उन्हें वापस लिया जाए। 
  5. रबी की फसल, खासतौर से गेहूं, सरसों इत्यादि इसकी पूरी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसान की हो औऱ जहाँ कम मूल्य मिला हो, वहाँ न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए, इसके साथ-साथ फसल को मंडी तक पहूंचने का पूरा इंतजाम सुनिश्चित किया जाए। 
  6. भारत सरकार खरीफ की फसल के लिए कीटनाशक दवाईयां, बीज इत्यादि उपलब्ध करने का पूरा इंतजाम करे।
  7. कोरोना से लड़ाई आखिर में जिला और प्रान्तीय स्तर पर लड़ी जा रही है इसलिए केन्द्रीय सरकार प्रान्तीय सरकारों को विशेष आर्थिक राहत पैकेज दे, ताकि कोरोना से ये जंग जीती जा सके।
  8. साफ शब्दों में केन्द्रीय सरकार बताए कि लॉकडाउन से बाहर जाने की कोई नीति, उनके पास है या नहीं और लॉकडाउन से बाहर निकलने की वो नीति क्या है? 
  9. संसद इस देश का सबसे बड़ा मंदिर है। संसद सरकार पर अंकुश भी लगा सकती है और नीतिगत नियंत्रण भी। संसद और संसदीय समितियों की कार्यवाही को सरकार पर उनकी देखरेख को फौरी तौर से रीस्टोर(बहाल) किया जाए।
  10. गरीबी से लड़ने और आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक निर्णायक नीति की घोषणा सरकार करे। 20 लाख करोड़ का पैकेज, केवल एक माया जाल और भ्रम साबित हुआ है। इसलिए 22 राजनीतिक दल मांग करते हैं कि भारत सरकार एक सार्थक निर्णायक मदद वाला विशेष राहत पैकेज घोषित करे, ताकि हमारी अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ सके और उद्योग-धंधा-व्यापार दोबारा से नए ढर्रे पर चल पाए।
  11. अंतर्राष्ट्रीय व अंतर्राज्यीय, हवाई जहाज सेवा शुरु करते हुए प्रदेश की सरकार से मंत्र