जानिए S400 Missile सिस्टम की खासियत, जिसकी वजह से उसे दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है

इसका पूरा नाम एस400 ट्रायम्फ है, जिसे नाटो देशों में SA-21 ग्रोलर के नाम से जाना जाता है। बता दें, 30 देशों का एक संगठन हैं। जिसमें यूएस, यूके, जर्मनी, स्पेन जैसे देश शामिल हैं।

S400 मिसाइल प्रणाली के लिए भारत पहले ही रुस के साथ समझौता कर चुका है। अक्टूबर 2018 में भारत ने रुस के साथ 5.43 अरब डॉलर में 5 एस400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए हस्ताक्षर कर चुका है। भारत ने इस डील पर हस्ताक्षर उस वक्त किया था, जब अमेरिका भी इस समझौते का विरोध कर रहा था, लेकिन भारत ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार करते हुए रुस के साथ एस400 के लिए डील किया था।

वहीं चीन के साथ विवाद के बाद भारत के लिए एस400 की महत्ता बढ़ जाती है। इसके भारत में आ जाने से भारतीय सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी। तो आपको बताते  हैं कि किस प्रकार एस400 अपने दुश्मनों का मनोबल तोड़ती है।

S-400 की खासियत

  • इसका पूरा नाम एस400 ट्रायम्फ है, जिसे नाटो देशों में SA-21 ग्रोलर के नाम से जाना जाता है। बता दें, 30 देशों का एक संगठन हैं। जिसमें यूएस, यूके, जर्मनी, स्पेन जैसे देश शामिल हैं।
  • एस400 को रुस ने विकसित किया है। यह मिसाइल सिस्टम जमीन से हवा में मार करने में सक्षम है। इस मिसाइल सिस्टम को जमीन से हवा में मार करने वाला दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है।
  • एस400 मिसाइल सिस्टम दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और यहां तक परमाणु मिसाइलों के अलावा 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन को नष्ट करने में माहिर है। इसके भारतीय सेना में शामिल होते भारत की सैन्य ताकत में कई गुना का इजाफा हो जाएगा। इस मिसाइल सिस्टम के भारतीय सेना में शामिल होते ही दुश्मनों का कोई अस्त्र कारगर साबित नहीं हो सकता और एस400 उसे हवा में ही नष्ट कर दुश्मन के मनोबल को तोड़ देगा।
  • एस400 के तीन अंग प्रमुख हैं। जिनमें मिसाइल लांचर, शक्तिशाली रडार और कमांड सेंटर हैं। इसमें लगा हुआ रडार 600 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को देख सकता है। इस मिसाइल सिस्टम की खासियत यह है कि यह हवा के साथ जमीन पर भी उपयोगी है। यह दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करने में माहिर है ही साथ ही यह जमीन में लड़ रहे सैनिकों की मदद में भी सक्षम है। इसी वजह से एस400 मिसाइल सिस्टम को दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है।
  • इसके लांचर से 48N6 सीरीज की मिसाइलें लांच की जा सकती है। जिनके जरिए बड़ी तबाही मचाई जा सकती है। इसकी मारक क्षमता कमाल की है, क्योंकि यह एक साथ तीन दिशाओं में मिसाइल दाग सकता है। इसका सबसे पहले इस्तेमाल मॉस्कों की रक्षा के लिए किया गया था।
  • हालांकि, एस400 चीन के पास पहले से ही है, लेकिन इसके भारतीय सेना में शामिल होते ही, चीन का मनोबल टूट जाएगा। क्योंकि हथियारों की क्षमता के लिहाज से चीन के मुकाबले भारत यहीं कमजोर दिखाई दे रहा था, लेकिन अब यह कमी भी पूरी होने वाली है।