रक्षामंत्री के पुत्र होने के अहं से मुक्त कोरोना योद्धा बने MLA पंकज सिंह!

रक्षामंत्री राजनाथ के विधायक पुत्र पंकज सिंह कोरोना के खिलाफ जंग में एक योद्धा जैसा काम कर रहे हैं। उनका मैनेजमेंट ऐसा है कि वो भूखे को भोजन भी उपलब्ध करा रहे हैं तो दूसरी ओर ट्विटर के जरिए मदद मांग रहे लोगों को उनके घर पहुंचाने में भी योगदान दे रहे हैं।

रक्षामंत्री के पुत्र होने के अहं से मुक्त कोरोना योद्धा बने MLA पंकज सिंह!
MLA Pankaj Singh

रक्षामंत्री राजनाथ के विधायक पुत्र पंकज सिंह कोरोना के खिलाफ जंग में एक योद्धा जैसा काम कर रहे हैं। उनका मैनेजमेंट ऐसा है कि वो भूखे को भोजन भी उपलब्ध करा रहे हैं तो दूसरी ओर ट्विटर के जरिए मदद मांग रहे लोगों को उनके घर पहुंचाने में भी योगदान दे रहे हैं। जरुरत पड़ने पर वह खुद ग्राउंड पर जाकर लोगों से बात कर रहे हैं तो निरंतर कंम्यूटर के जरिए अपने कार्यकर्ताओं का हौसला भी बढ़ा रहे हैं। कुल मिलाकर एक अच्छे जनप्रतिनिधि के तौर पर अपनी पहचान को मजबूत कर रहे हैं।  यूं तो उत्तर प्रदेश में 403 विधायक हैं लेकिन चंद विधायक ही कोरोना महामारी के खिलाफ युद्ध में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें अधिकतर वे विधायक हैं जो संघर्ष कर उस लक्ष्य को प्राप्त हुए हैं। लेकिन पंकज सिंह का इस प्रकार सक्रिय होना सियासी पंडितों को आश्चर्य में डाल रहा है। लेकिन इसमें आश्चर्य की बात नहीं है, लखनऊ को समझने वाले ये बात भलि-भांति जानते हैं कि जब पंकज सिंह बीजेपी से जुड़े तब से ही उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की, उसमें उनका मेहनत का योगदान पूरा रहा। हालांकि, ये बात आसानी से कही जा सकती है कि राजनाथ सिंह के पुत्र होने का लाभ उन्हें मिला है। लेकिन इस बात में बिल्कुल भी संदेह नहीं है कि लोगों के दिलों में जगह बनाने के लिए उन्होंने अपने पिता के नाम का इस्तेमाल नहीं किया।

कोरोना जैसी महामारी के समय जब अधिकतर जनप्रतिनिधि घरों में दुबक पर बैठे हैं तो इस भी पंकज सिंह इस अहंकार से मुक्त हैं कि उनके पिता देश के रक्षामंत्री हैं। अगर वे सेवा भी नहीं करते को ऐसे कम ही लोग होते जो उनका विरोध करते। क्योंकि परिवारवाद की पिच से निकले राजनीति के कई खिलाड़ियों को देश ने देखा और झेला भी है। उन्हें ऐसे नेताओं से कभी कोई शिकायत नहीं रहती। लेकिन पंकज सिंह इन बातों से इतर सिसायत में पिता की परछाई से दूर खुद के व्यक्तित्व का निर्माण कर रहे हैं। खुद को एक ऐसे जनप्रतिनिधि के तौर पर पेश कर रहे  हैं, जो जनता के हित के लिए निरंतर सक्रिय रहेगा।

ट्विटर पर ऐसे सैकड़ों उदाहरण मौजूद है, जो यह साबित करते हैं कि पंकज सिंह कोरोना योद्धा बन चुके हैं। उनके पास पहुंचने वाली हर परेशानी को न सिर्फ सुन रहे हैं कि बल्कि उसके निदान की कोशिश तत्काल कर रहे हैं।  नीतीश सिंह नाम के व्यक्ति ने पंकज सिंह को ट्विट कर बताया कि उनकी दादी को कैंसर है। लेकिन परिवार के कुछ सदस्य बनारस तो कुछ गाजियाबाद में है। नीतीश ने ई-पास बनवाने के लिए पंकज सिंह से अपील की तो पंकज सिंह द्वारा तुरंत उनके मदद का आश्वासन दिया गया।

नोएडा के सेक्टर 45 में रहने वाले अमित भास्कर ने बताया कि वे मुसीबत में है। बच्चों को खाने के लिए घर में राशन भी नहीं है। कृपया मदद करिए। इस ट्विट को भी पंकज सिंह ने तुरंत संज्ञान में लिया और उनके मदद का भरोसा दिया।

ऐसे तमाम उदाहरण ट्विटर पर मौजूद हैं। जिन्हें पास की जरुरत थी तो उन्हें पास मिला, जिन्हें राशन की जरुरत थी तो उन्हें पंकज सिंह के लोगों ने राशन पहुंचाया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पंकज सिंह क्षेत्रवाद की सियासत की बेड़ियों से मुक्त हैं। ऐसा नहीं है कि वह सिर्फ अपने विधानसभा के लोगों की ही मदद कर रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लोगों की मदद कर रहे हैं। कोई गोंडा का हो या बनारस, गाजियाबाद का हो या कुशीनगर, सभी जिलों के लोगों की मदद तत्परता से कर रहे हैं।