कोरोना जांच के लिए COBAS 6800 मशीन राष्ट्र को समर्पित

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने यहां राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) का दौरा किया और सीओबीएएस 6800 मशीन राष्ट्र को समर्पित की।

कोरोना जांच के लिए COBAS 6800 मशीन राष्ट्र को समर्पित
COBAS 6800

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) का दौरा किया और सीओबीएएस 6800 मशीन राष्ट्र को समर्पित की। यह ऐसी पहली जांच मशीन है जिसे सरकार ने कोविड-19 के मामलों की जांच के लिए खरीदा है और इसे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र में संस्थापित किया गया हे।

कोरोना जांच क्षमताओं में तेजी लाने में अर्जित उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए डा हर्ष वर्धन ने कहा, ‘अब हमने प्रति दिन 1,00,000 जांच करने की क्षमता विकसित कर ली है। आज का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि का दिन है क्योंकि आज हमने देश में 359 सरकारी प्रयोगशालाओं एवं 145 निजी प्रयोगशालाओं सहित 500 से अधिक प्रयोगशालाओें में कोविड-19 के लिए 20 लाख परीक्षण कर लिए हैं। ‘उन्होंने यह भी कहा कि, ‘एनसीडीसी अब कोविड-19 के परीक्षण के लिए एक पूरी तरह आटोमेटेड, रियल टाइम पीसीआर निष्पादन के लिए हाई एंड मशीन सीओबीएएस 6800 से सुसज्जित हो गया है जिसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है। सीओबीएएस 6800 24 घंटों में लगभग 1200 नमूनों के हाई थौरोपुट टेस्ट के साथ एक गुणवत्तापूर्ण, हाई वॉल्यूम परीक्षण उपलब्ध कराएगी। यह विचाराधीनता में कमी लाने के साथ जांच क्षमता में व्यापक वृद्धि करेगी।’

डॉ. हर्ष वर्धन ने इसकी अन्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सीओबीएएस 6800 रोबोटिक्स इनेबल्ड एक अत्याधुनिक मशीन है जो संदूषण के अवसरों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संक्रमण के जोखिम को न्यूनतम करता है क्यांकि इसे सीमित मानव अंतःक्षेपों के साथ दूर से प्रचालित किया जा सकता है। चूंकि मशीन को जांच के लिए एक न्यूनतम बीएसएल2प्लस नियंत्रण स्तर की आवश्यकता होती है, इसे किसी भी अन्य फैसिलिटी के साथ प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। सीओबीएएस 6800 वायरल हेपाटाइटिस बी एवं सी, एचआईवी, एमटीबी (रिफैमपिसिन एवं आइसोनियाजाइड रेसिस्टैंस), पैपिलोमा, सीएमवी, क्लैमाइडिया, नैसेरेईया आदि अन्य पैथोजेन का भी पता लगा सकता है।

महामारी की शुरुआत के बाद से ही प्रति दिन की जाने वाली निस्वार्थ सेवाओं के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता जाहिर करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, ‘मैं पैथोलोजिस्टों, लैब टेक्निशियनों, वैज्ञानिकों एवं अन्य कर्मचारियों, जो हमारे ‘कोरोना योद्धा’हैं और साथी नागरिकों को बचाने के लिए बेहद जोखिमपूर्ण स्थितियों में दिन रात अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहे हैं, को सैल्यूट करता हूं।’उन्होंने कहा कि राष्ट्र को इस कलंक को दूर करना चाहिए और उन्होंने अग्रिम पंक्ति के इन स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान की सराहना की।

डॉ. हर्ष वर्धन ने सभी निगरानी अधिकारियों के समर्पण, कड़ी मेहनत एवं लगन की भी सराहना की और उन्हे नए उत्साह के साथ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने समुदाय निगरानी और कान्टैक्ट ट्रेसिंग की गुणवता और मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘अभी की यह महत्ती आवश्यकता है कि सभी व्यक्ति जो या तो घर में या फैसिलिटी क्वारांटाइन में हैं, सख्ता चौकसी बनाये रखें और सोशल डिस्टैंसिंग तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के नियमों का अनुपालन करें। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं तथा छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।’