जानिए क्या है? मोदी सरकार की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना

केंद्र की मोदी सरकार ने योग्य MSME और इच्छुक मुद्रा कर्जदारों को 3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना #ECLGS की शुरुआत की है।

जानिए क्या है? मोदी सरकार की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना
emergency credit line guarantee scheme

केंद्र की मोदी सरकार ने योग्य MSME और इच्छुक मुद्रा कर्जदारों को 3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना #ECLGS की शुरुआत की है। योजना के तहत, राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (#NCGTC) द्वारा योग्य MSME और इच्छुक कर्जदारों को गारंटी युक्त आपातकालीन क्रेडिट लाइन (#GECL) सुविधा के रुप में तीन लाख रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग के लिए 100 फीसदी गारंटी कवरेज उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए भारत सरकार इस वित्तीय वर्ष के साथ अगले तीन वित्तीय वर्षों के लिए 41 हजार 600 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराएगी।

योजना के बारे में जानकारी

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (#ECLGS) को कोविड-19 और इसके बाद लॉकडाउन की वजह से बनी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के एक बेहतर उपाय के रुप में बनाया गया है। मौजूदा समय में MSME सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और अन्य गतिविधियां बुरी तरीके से प्रभावित है। ऐसे में इस योजना के तहत आर्थिक परेशानी झेल रही MSME कंपनियों को गारंटी सहित आपातकालीन क्रेडिट लाइन के रुप में 3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग की व्यवस्था कर उन्हें राहत पहुंचाना है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बैंकों, वित्तीय संस्थानों (FI), और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (#NBFC) को कोविड-19 संकट की वजह से आर्थिक तंगी झेल रहे MSME कर्जदारों को देने के लिए उनके पास अतिरिक्त फंडिंग सुविधा की उपलब्धता बढ़ाना है। उन्हें कर्जदारों द्वारा जीईसीएल फंडिंग का पुनर्भुगतान नहीं किए जाने की वजह से होने वाले किसी नुकसान के लिए 100 फीसदी गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी।

योग्य एमएसएमई कर्जदारों को जीईसीएल फंडिंग की राशि या तो अतिरिक्त सक्रिय पूंजी मियादी ऋण (बैंकों और वित्तीय संस्थानों के मामले में) या मियादी ऋण (एनबीएफसी के मामले में) के रुप में उनके 29 फरवरी, 2020 को 25 करोड़ रुपये तक की कुल बकाया राशि का 20 फीसदी ही होगी।

  • ईसीएलजीएस के तहत जीईसीएल के जरिए की जाने वाली पूरी फंडिंग एनसीजीटीसी द्वारा सदस्य ऋणदात्री संस्थाओं को 100 फीसदी क्रेडिट गारंटी के साथ होगी।
  • योजना के तहत ऋण की अवधि 4 साल होगी और इसकी अधिस्थगन अवधि मूलधन पर एक साल होगी।
  • योजना के तहत एनसीजीटीसी द्वारा सदस्य ऋणदाता संस्थानों से कोई भी गारंटी राशि नहीं ली जाएगी।
  • योजना के तहत ब्याज दर बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के लिए अधिकतम 9.25 फीसदी और गैर- वित्तीय संस्थाओं के लिए अधिकतम 14 फीसदी होगी।

 
योजना का प्रभाव-

  • इस योजना के लागू होने से कोरोना की वजह से संकट झेल रहे MSME कंपनियों को लाभ होगा। उन्हें मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • MSME सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराता है। ऐसे में इस योजना के लिए MSME कंपनियों की स्थिति में सुधार होगी तो कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। जिससे अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
  • MSME सेक्टर में होने वाले मैन्युफैक्चरिंग से प्रभावित बाजारों की रौनक वापस आएगी। व्यापार में इजाफा होगा।