105 मीटर लंबे पोत सचेत की ये बातें है बेहद खास...

पोत सचेत की बात करें तो 105 मीटर लंबे पोत ‘सचेत’ का वजन लगभग 2,350 टन है और यह 9,100 किलोवाट के दो डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है

105 मीटर लंबे पोत सचेत की ये बातें है बेहद खास...
Ship ICGS Sachet

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के पोत (आईसीजीएस)‘सचेत’ और दो अवरोधक नौकाओं (आईबी) सी-450 और सी-451 का जलावतरण किया। पोत सचेत की बात करें तो 105 मीटर लंबे पोत ‘सचेत’ का वजन लगभग 2,350 टन है और यह 9,100 किलोवाट के दो डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है जिन्‍हें 6,000 नॉटिकल मील की सहनशक्ति के साथ 26 समुद्री मील (नॉट) की अधिकतम गति से चलने लायक डिजाइन किया गया है। इसके साथ ही नवीनतम उपकरण एवं प्रणालियां इसे एक कमांड प्लेटफॉर्म की भूमिका निभाने और आईसीजी के चार्टर को पूरा करने के लिए संबंधित कार्यों को पूरा करने की क्षमता प्रदान करती हैं। यह पोत तेजी से बोर्डिंग और तलाश एवं बचाव अभियानों के लिए दोहरे इंजन वाले एक हेलिकॉप्टर, उच्च गति वाली चार नौकाओं और हवा से भरी जाने वाली एक नौका को ले जाने में सक्षम है। यह समुद्र में तेल फैलने के कारण होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सीमित प्रदूषण रोधी उपकरण ले जाने में भी सक्षम है।

बता दें, सचेत का अर्थ सतर्कता है, जो राष्ट्र के समुद्री हित की ‘पूर्ति और संरक्षण के लिए सदैव सतर्क रहने’ की आईसीजी की इच्छा और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ‘आईसीजीएस सचेत’ की कमान उप महानिरीक्षक राजेश मित्तल द्वारा संभाली जा रही है और 11 अधिकारी एवं 110 कर्मी यहां तैनात हैं। भारतीय समुद्री इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी बनाए रखने के सख्त प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक पोत का जलावतरण डिजिटल माध्यम से किया गया है।  

वहीं आईबी  ‘सी-450’ और ‘सी-451’ लार्सन एंड टुब्रो शिपयार्ड हजीरा द्वारा द्वारा देश में ही डिजाइन एवं निर्मित की गई हैं और ये नवीनतम नौवहन तथा संचार उपकरणों से लैस हैं। 30 मीटर लंबी दो नौकाएं 45 समुद्री मील (नॉट) से भी अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम हैं। इन्हें उच्च गति से अवरोधन, तट के निकट गश्ती एवं कम तीव्रता के समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है। आईबी की त्वरित जवाबी कार्रवाई क्षमता किसी भी उभरती समुद्री परिस्थिति से निपटने और उसे विफल करने की दृष्टि से इसे एक आदर्श प्‍लेटफॉर्म बनाती है। इन नौकाओं की कमान सहायक कमांडेंट गौरव कुमार गोला और सहायक कमांडेंट अकिन जुत्शी संभाल रहे हैं।

आईसीजी को समुद्र में लगभग 400 लोगों की जान बचाने, सिविल अधिकारियों को दी गई सहायता के हिस्से के रूप में 4,500 लोगों की जिंदगी बचाने और अकेले वर्ष 2019 में 32 चिकित्सा निकासी कार्यों को पूरा करने का श्रेय है।