2022 तक जम्मू-कश्मीर के हर घर तक नल से पहुंचेगा पानी

जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के सभी घरों तक नल से पानी पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने के लिए अंतिम रुप दे दिया है। जम्मू-कश्मीर में 18.17 लाख परिवार हैं, जिनमें से 5.78 लाख परिवारों के पास ही नल से पानी की सुविधा उपलब्ध है।

2022 तक जम्मू-कश्मीर के हर घर तक नल से पहुंचेगा पानी
Jal Jeevan Mission

जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के सभी घरों तक नल से पानी पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने के लिए अंतिम रुप दे दिया है। जम्मू-कश्मीर में 18.17 लाख परिवार हैं, जिनमें से 5.78 लाख परिवारों के पास ही नल से पानी की सुविधा उपलब्ध है। चालू वित्तवर्ष में राज्य के 1.76 लाख परिवारों को नल से पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसी वित्तवर्ष में 3 जिले गांधारबल, श्रीनगर और रायसी के सभी 5,000 गांवों को शत-प्रतिशत एफएचटीसी कवरेज की योजना है इस वित्त वर्ष में केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप मैं 681 करोड़ रुपये यूटी सरकार को दिए गये हैं।

राज्य में नल से पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य 2024-25 तक का रखा गया था, लेकिन केंद्र सरकार इस लक्ष्य को 2022 तक ही पूरा कराने पर काम कर रही है। जिससे राज्य के हर घर तक नल से पानी पहुंच सके। सरकार का इरादा है कि समाज के गरीब और हाशिए पर पड़े वर्गों को अपने घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पानी मिले और CoVID-19 महामारी के बीच सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीण समुदाय सुरक्षित रहें।

98 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से जम्मू-कश्मीर चालू वर्ष के दौरान 10 प्रयोगशालाओं की एनएबीएल मान्यता की योजना बनाई गयी है। सुधारात्मक उपाय करने के लिए पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए सामुदायिक स्तर पर फील्ड टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई जाएगी। जम्मू-कश्मीर ने गुणवत्ता प्रभावित सभी 4 बस्तियों को पेयजल उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।

मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई देशव्यापी ‘जल जीवन मिशन’ योजना से जहां जम्मू-कश्मीर में पानी संकट से जूझ रहे दुर्गम इलाके, उधमपुर के घोरदी ब्लॉक के बरमीन इलाक़े में रहने वालों को कुछ राहत हुई है वहीं इस कोरोना काल में ये स्कीम यहाँ के स्थानीय लोगों को साफ़ पीने के पानी के साथ-साथ रोज़गार भी मुहैय्या करा रही है|

गौरतलब है कि ‘जल जीवन मिशन’ योजना को केंद्र सरकार ने 2019 में शुरू किया था। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत चलाई जा रही इस योजना के तहत देश के सभी घरों में 2024 तक पाइपलाइन द्वारा शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।