भारतीय सेना को रक्षा कवच देगा इजराइल, चीन की हर चाल होगी विफल

चीन के साथ तनाव के बीच भारत का जिगरी यार इजराइल हर हाल में भारत का ही साथ देगा। इसी बीच खबर आ रही है कि भारत इजराइल से एक विशेष एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है, जो हर खतरनाक हथियारों को विफल करने में सक्षम है।

भारतीय सेना को रक्षा कवच देगा इजराइल, चीन की हर चाल होगी विफल
Barak Missile System

चीन के साथ तनाव के बीच भारत का जिगरी यार इजराइल हर हाल में भारत का ही साथ देगा। इसी बीच खबर आ रही है कि भारत इजराइल से एक विशेष एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है, जो हर खतरनाक हथियारों को विफल करने में सक्षम है। इस एयर डिफेंस सिस्मट का नाम बराक-8 है। बता दें, भारत चीन की हर हरकत का माकूल जवाब देने के लिए भारत इजराइल से बराक-8 डिफेंस सिस्टम के खरीद के लिए बातचीत कर रहा है। दोनों देशों के बीच इस मिसाइल के नीव वर्जन को खरीदने के लिए 2018 में ही समझौता किया गया था। लेकिन दुश्मनों की हरकतों को देखते हुए इसके जमीनी-एयर लांच वर्जन को भी खरीदने की प्रक्रिया को भी तेज किया है। बता दें, 2018 में भारत ने 777 मिलियन डॉलर यानि करीब 5687 करोड़ रुपए में बराक-8 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डील की थी। 

बता दें, बराक-8 का निर्माण भारत में किया जाएगा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) इन मिसाइलों का उत्पादन करेगी। जबकि हथियारों और तकनीकि अवसंरचना, एल्टा सिस्टम और अन्य चीजों के विकास की जिम्मेदारी इजराइल की होगी। वहीं इस मिसाइल के कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड काम करेगी। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर यह बराक-8 भारत के लिए अहम साबित हो सकता है। जानिए बराक-8 की खासियत - 

  • बराक-8 मिसाइल LRSAM श्रेणी के तहत काम करता है। यह लंबी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। LRSAM का पूरा नाम लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (Long range surface to air missile-LRSAM) है।
  • बराक-8 मिसाइल जहाजों के लिए एक सुरक्षित वाहक और लांच मिसाइल है और इसे लंबवत रुप से लांच किया जा सकता है। 
  • बता दें, किसी भी हथियार को खरीदने और उसे पूरी तरह से कॉम्बेट रोल में उतारने के बीच लंबा समय लगता है। जिससे उस हथियार की टेस्टिंग, मेंटिनेंस और तैनाती को लेकर ढेर सारी तैयारियां की जाती है। अमेरिका की थाड या पैट्रियॉट और रुस की एस400 को तुरंत तैनात नहीं किया सकता है, लेकिन बराक-8 के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं है। भारतीय सेना पहले से ही बराक श्रेणी की कई मिसाइलों को ऑपरेट कर रही है।
  • बराक-8 के जमीनी वर्जन को INS विक्रांत और नेवी के कोलकाता क्लास डेस्ट्रॉयर्स पर इंस्टॉल किया जाएगा। इसे चीन सीमा पर भी तैनात किया जाएगा। इसकी रेंज इतनी होगी कि दुश्मन सीमा पर करने की कोशिश भूलकर भी न करे।