योगी जी आपकी पुलिस ने मेरे पति को मार डाला, कह कर रो पड़ी महिला

महिला का नाम मीनाक्षी गुप्ता है। इनका आरोप है कि इनके पति गोरखपुर घूमने आए थे। वह रामगढ़ ताल स्थित कृष्णा पैलेस होटल में रुके थे। सोमवार रात करीब 12 बजे कुछ पुलिसवाले तलाशी करने के लिए पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने कानपुर के रहने वाले मनीष की इतनी पिटाई कर दी कि वह जख्मी हो गया।

इस रोती हुई महिला के दर्ज को समझिए मुख्यमंत्री जी। इस महिला का क्या कसूर है, जो आपकी पुलिस ने इसका सुहाग उजाड़ दिया। क्या एनकाउंटर करने वाली पुलिस अब इतना मनबढ़ हो गई है कि वह निहत्यों की हत्या कर देगी। इस महिला का नाम मीनाक्षी गुप्ता है। इनका आरोप है कि इनके पति गोरखपुर घूमने आए थे। वह रामगढ़ ताल स्थित कृष्णा पैलेस होटल में रुके थे। सोमवार रात करीब 12 बजे कुछ पुलिसवाले तलाशी करने के लिए पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने कानपुर के रहने वाले मनीष की इतनी पिटाई कर दी कि वह जख्मी हो गया। पत्नी मीनाक्षी का कहना है कि घायल अवस्था में उनके पति ने फोन कर बताया था कि पुलिसवाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। लेकिन बाद में जब मीनाक्षी ने अपने पति को दोबारा फोन मिलाया तो फोन नहीं उठा। वहीं प्रत्यक्षदर्शी अरविंद का कहना है कि उन्होंने आवाज सुनी कि पुलिसवाले मनीष के साथ मारपीट कर रहे हैं। उसी दौरान पुलिसवाले उसके कमरे की भी तलाशी ले रहे थे। जब वे बाहर आए तो देखा कि पुलिसवाले मनीष को बाहर ला रहे हैं। उसके चेहरे पर काफी खून लगा था। इसके बाद पुलिस मनीष को अपनी गाड़ी में डालकर अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।

वहीं जब मीनाक्षी को अपने पति के मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गई और वह फौरन कानपुर से गोरखपुर के लिए रवाना हो गई।  वह अब अपने पति को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगा रही है, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मीनाक्षी का आरोप है कि पुलिस ठीक से जांच नहीं कर रही है, क्योंकि मामले में पुलिस कर्मी ही आरोपी हैं। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की मौत होती तो पुलिस कमरे को सीज करके ही जांच-पड़ताल जरूर करती। मीनाक्षी ने हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की मांग की है। मनीष घर में कमाने वाला इकलौता था। उसका एक छोटा बेटा है। पत्नी का कहना है कि अब वह किसके भरोसे अपने बेटे की परवरिश करेगी।

वहीं मामले ने जब तूल पकड़ा तो पुलिस घबरा गई। इसके बाद एसएसपी ने मनीष की मौत के आरोप इंस्पेक्टर जगत नरायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय यादव, दरोगा राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को निलंबित कर दिया।