JItendra Gogi Vs Tillu Tajpuriya: कैसे दो जिगरी यार हो गए एक-दूसरे के खून के प्यासे

अपराध की दुनिया में नाम बना चुका जोगेंद्र गोगी दिल्ली विश्वविद्यालय का होनहार छात्र था। टिल्लू ताजपुरिया से उसकी गहरी यारी थी। टिल्लू ताजपुरिया गांव का रहने वाला है, जबकि जितेंद्र गोगी अलीपुर गांव का था। दोनों ही दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रद्धानंद कॉलेज में पढ़ाई करते थे।

JItendra Gogi Vs Tillu Tajpuriya: कैसे दो जिगरी यार हो गए एक-दूसरे के खून के प्यासे
#JitendraGogiEncounter

दिल्ली स्थित रोहिणी कोर्ट के अंदर शुक्रवार को फिल्मी अंदाज में दो बदमाशों ने मोस्ट वांटेड गैंगेस्टर जितेंद्र गोगी (30) पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। कोर्ट में हुए इस गैंगवार में कुल 3 लोग मारे गए। जबकि 3-4 व्यक्ति घायल भी हुए हैं। बता दें, शुक्रवार को जितेंद्र गोगी को तिहाड़ जेल से पेशी के लिए रोहिणी कोर्ट लाया गया था, जहां पहले से ही वकील के ड्रेस में 2 शूटर मौजूद थे। जैसे ही गोगी कोर्ट परिसर पहुंचा बदमाशों ने उस पर गोलियां बरसा दी, गोगी को 3 गोलियां लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। वहीं गोगी की सुरक्षा में लगे दिल्ली पुलिस ने जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को मार गिराया। उनमें से एक हमलावर पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित था।

कौन है जितेंद्र गोगी?

बता दें, जितेंद्र गोगी दिल्ली का कुख्यात गैंगेस्टर है, जो पिछले 2 सालों से तिहाड़ जेल में बंद था। 2020 में स्पेशल सेल ने उसे गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। गोगी के साथ कुलदीप फज्जा को भी गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 25 मार्च को वह जीटीबी से फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे एक एनकाउंटर में मार गिराया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल का कहना है कि जितेंद्र गोगी ने अपराध के जरिए करोड़ो रुपए की संपत्ति बनाई है। उसके गैंग में 50 से अधिक लोग हैं। गोगी के अपराधों की फेहरिस्त काफी लंबी है। 2017 में उसने अलीपुर के प्रधान देवेंद्र की हत्या कर दी थी, क्योंकि प्रधान का बेटा उसके सहयोगी निरंजन की हत्या में शामिल था। 2017 में ही गोगी ने हरियाणवी गायक और डांसर हर्षिता दहिया की पानीपत में हत्या कर दी थी। दरअसल, हर्षिता दहिया अपने जीजा दिनेश कराला के खिलाफ हत्या के मामले में मुख्य गवाह थी। लेकिन दिनेश कराला ने ही हर्षिता को मारने के लिए गोगी को सुपारी दे दी।

जोगेंद्र गोगी के करतूतों की लिस्ट यहीं नहीं खत्म होती। नवंबर 2020 में स्कूल के बाहर टीचर दीपक और जनवरी 2021 में रवि भारद्वाज की गोगी ने हत्या कर दी। गोगी ने रवि भारद्वाज को 25 गोलियां मारी थी। इतना ही नहीं उसने अक्टूबर 2019 में नरेला में आम आदमी पार्टी के नेता वीरेंद्र मान उर्फ कालू को 26 गोलियां मार मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा गोगी ने रोहिणी के  कंझावला में पवन पर गोलियां की बौछार कर दी। उसने 50 राउंड फायरिंग की, जिसमें पवन की मौत हो गई।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के दो जिगरी यार बन गए कट्टर दुश्मन

अपराध की दुनिया में नाम बना चुका जोगेंद्र गोगी दिल्ली विश्वविद्यालय का होनहार छात्र था। टिल्लू ताजपुरिया से उसकी गहरी यारी थी। टिल्लू ताजपुरिया गांव का रहने वाला है, जबकि जितेंद्र गोगी अलीपुर गांव का था। दोनों ही दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रद्धानंद कॉलेज में पढ़ाई करते थे। दोनों दोस्त एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे, लेकिन 2010 में बाहरी दिल्ली के एक छात्र संघ चुनाव के दौरान दोनों में मतभेद हो गया और दोनों के बीच मामला गैंगवार तक पहुंच गया। उसके बाद दोनों गैंग के बीच जो जंग छिड़ी उस खूनी खेल में अब तक 25 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। 2018 में दिल्ली के बुराड़ी इलाके में गोगी और टिल्लू गैंग के बीच जब गैंगवार हुआ था, उसमें 3 लोगों की जान गई जबकि 5 लोग घायल हुए थे। वहीं पिछले महीने खुलासा हुआ था कि दिल्ली में इन दोनों गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई में कई लोगों की हत्या हो चुकी है। एक मामले में टिल्लू गैंग से पकड़े गए आरोपी ने बताया था कि उन लोगों ने नीतेश नाम के एक व्यक्ति का मर्डर कर दिया था। जो गोगी गैंग से जुड़ा हुआ था। इसका बदला लेने के लिए गोगी गैंग के गुर्गों ने टिल्लू गैंग के सदस्य पवन को गोलियों से छलनी कर दिया था।

3 बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका था जितेंद्र गोगी

जितेंद्र गोगी शातिर गैंगैस्टर था, जो तीन बार पुलिस की कस्टडी से फरार भी हो चुका था। पहली बार गोगी 30 जुलाई 2016 को हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस की कस्टडी से फरार होने में कामयाब रहा था। दरअसल,उसे नरवाना कोर्ट में पेशी के लिए हरियाणा रोडवेज की बस से ले जाया जा रहा था, बस जैसे ही बहादुरगढ़ पहुंची तो वहां दो कारों में सवार 10 बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में बस को ओवरटेक कर रुकवा लिया। वहीं बस में पहले से ही गोगी गैंग के कुछ बदमाश बैठे थे, जिन्होंने पुलिसकर्मियों की आंख में मिर्च झोंक दी और फायर करते हुए बदमाश अपने सरगना को छुड़ा ले गए। इतना ही गोगी के गुर्गे पुलिस के असलहे भी लूट ले गए। बता दें, 2013 के पहले नीरज बवानिया खुद को दिल्ली का डॉन कहता था, लेकिन 2013 में पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया। जिसके बाद गोगी गैंग और टिल्लू गैंग का वर्चस्व बढ़ता गया। दोनों के बीच वर्चस्व की जो जंग छिड़ी उसने आम लोगों का जीना हराम कर दिया था। पिछले 7 सालों से दिल्ली के कई इलाके इन दोनों गैंगों की दशहत झेल रहे थे। लेकिन 24 सितंबर 2021 को जितेंद्र गोगी को बीच कोर्ट में मौत के घाट उतार दिया गया। जिसके पीछे टिल्लू गैंग का हाथ बताया जा रहा है। वहीं टिल्लू ताजपुरिया तिहाड़ जेल से अपना गैंग चला रहा है।