विधानपरिषद् में बोले सीएम योगी - सरकार के मन में किसानों के लिए बहुत सम्मान

बजट सत्र के अवसर पर विधानपरिषद् को संबोधित करते हुए  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के मन में बहुत सम्मान है।

विधानपरिषद् में बोले सीएम योगी - सरकार के मन में किसानों के लिए बहुत सम्मान
#YogiAdityanath

बजट सत्र के अवसर पर विधानपरिषद् को संबोधित करते हुए  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ #YogiAdityanath ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के मन में बहुत सम्मान है। इस बात को मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आजादी के बाद ईमानदारी के साथ भारत के अन्नदाता किसानों को MSP का लाभ अगर किसी ने दिलाया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दिलाई है। उन्होंने कहा कि चंदौली के किसान ब्लैक राइस का उत्पादन कर रहे हैं। वहीं, सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल का उत्पादन हो रहा है। दरअसल, किसान को जहां ज्यादा दाम मिल रहा है, वहां बेचने के लिए स्वतंत्र है। झांसी की एक बालिका ने पहले घर की छत पर स्ट्रॉबेरी का उत्पादन शुरू किया, फिर डेढ़ एकड़ खेत में ₹42 लाख की स्ट्रॉबेरी का उत्पादन किया। इसमें उसने ₹36 लाख का मुनाफा कमाया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अब कोई भी आपदा हो, आकाश से या बिजली से या किसी अन्य कारण से, 24 घंटे के अंदर किसान को मुआवजा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। इस साल के अंत तक 20 लाख हेक्टेयर से अधिक खेती को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

सीएम योगी ने कहा कि लगभग 5.50 लाख निराश्रित गोवंश सरकार के गो-आश्रय स्थलों में हैं। साथ ही सहभागिता योजना के अंतर्गत किसानों को 78,000 हजार गोवंश वितरित किए गए हैं। योजना के तहत प्रत्येक गोवंश के संरक्षण के लिए किसान को ₹900 मिल रहे हैं। पुलिस में 1.37 लाख से अधिक भर्तियां हुईं, 1.30 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती हुई। इसमें एक भी भर्ती पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया। ऊर्जा का प्रयोग प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। प्रदेश में युवाओं को अब तक 04 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराई गई हैं।

सीएम योगी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

  • इन्वेस्टर समिट का ही नतीजा है कि आज देश और दुनिया का निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहता है। जब पूरी दुनिया त्रासदी से पीड़ित थी तब उत्तर प्रदेश में ₹7,000 करोड़ का निवेश आया।
  • पहले हमें डाटा स्टोरेज के लिए विदेशी कंपनियों का सहारा लेना पड़ता था। अब उत्तर प्रदेश में ही डाटा सेंटर की स्थापना होने जा रही है। इससे डाटा चोरी पर लगाम लग सकेगी।
  • आज प्रदेश में इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुधार के लिए काम हुआ है। इससे निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
  • कोविड काल के दौरान प्रधानमंत्री जी ने तीन महीने तक उत्तर प्रदेश में 3.56 करोड़ गरीब महिलाओं के खातों में पैसे भेजने का कार्य किया। प्रदेश में 87 लाख पेंशनधारक हैं, जिन्हें एक क्लिक पर पैसे भेजे जा रहे हैं। यह तकनीक से ही संभव हो पाया है।
  • प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2020 से नवंबर 2020 तक हर गरीब को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराया। आत्मनिर्भर भारत पैकेज, जिसमें 10 लाख से अधिक MSME इकाइयों को बैंक से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया गया। सवा लाख से ज्यादा रोजगार मुहैया कराए गए, जो आज भी चल रहे हैं।
  • उत्तर प्रदेश पहला राज्य था जिसने श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता और राशन देना शुरू किया। प्रदेश में आए कामगारों को राशन कार्ड और राशन किट उपलब्ध करवाई। राशन कार्ड की बाध्यता समाप्त की। राशन कार्ड के साथ तुरंत नि:शुल्क राशन उपलब्ध करवाया।
  • लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों का पलायन हुआ। इनमें केवल उत्तर प्रदेश के लगभग 40 लाख श्रमिक कामगार थे। इसके अलावा लगभग 60 लाख श्रमिक यूपी से होते हुए नॉर्थ ईस्ट की ओर गए। इन सभी लोगों के भोजन, उपचार और रहने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई।
  • उत्तर प्रदेश में हमने महामारी से लड़ने के लिए डेढ़ लाख बेड कोविड के लिए बनाए थे। नवंबर 2020 में लगभग 68,000 एक्टिव केस थे, जो घटकर आज मात्र 2,000 रह गए हैं।