कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मोदी सरकार की मंजूरी, सीएम योगी ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बौद्ध नगरी कुशीनगर जिले में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को को मंजूरी दे दी है। बता दें, कुशीनगर बौद्ध स्थली के रुप में विश्वविख्यात है, यहां लाखों की संख्या में पर्यटक हर साल आते हैं

कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मोदी सरकार की मंजूरी, सीएम योगी ने जताई खुशी
CM Yogi Adityanath

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बौद्ध नगरी कुशीनगर जिले में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को को मंजूरी दे दी है। बता दें, कुशीनगर बौद्ध स्थली के रुप में विश्वविख्यात है, यहां लाखों की संख्या में पर्यटक हर साल आते हैं। हालांकि, यह घरेलू एयरपोर्ट पहले से ही है, लेकिन यहां डायरेक्ट आने वालों को मुश्किलों को सामना करना पड़ता था। ऐसे में अब मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद यहां पर्यटकों को पहुंचने में सुविधा होगी। वहीं कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की मंजूरी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोदी  सरकार का शुक्रिया अदा की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर हेतु वर्षों से इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। यह मामला काफी दिनों से लम्बित पड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने सारनाथ में जहां प्रथम उपदेश दिया था, वह भूमि कुशीनगर से 200 किलोमीटर के दायरे में आती है। भगवान बुद्ध को जहां ज्ञान प्राप्त हुआ, वह बोधगया भी अधिक दूरी पर नहीं है इसलिए कुशीनगर बौद्ध सर्किट का महत्वपूर्ण स्थल है। सीएम योगी ने कहा कि कुशीनगर को अगर हम बौद्ध सर्किट की दृष्टि से देखें तो एक सेंटर प्लेस है। वहां से कुल 150 किलोमीटर की दूरी पर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी है, उसी के निकट कपिलवस्तु भी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौशाम्बी और संकिसा, यह 06 स्थल उत्तर प्रदेश में हैं। यह 06 महत्वपूर्ण स्थल उत्तर प्रदेश में होने के नाते न केवल बौद्ध पर्यटन की दृष्टि से बल्कि कुशीनगर एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार की सम्भावनाएं पूर्वी उत्तर प्रदेश में बनेंगी। उन्होने विश्वास जताते हुए कहा कि हम कुशीनगर को दक्षिण-पूर्व एशिया के उन सभी देशों से जोड़ सकेंगे, जो भगवान बुद्ध से अपना आत्मीय सम्बंध जोड़ते हैं। एयर कनेक्टिविटी मिलने से लोग आसानी से यहां आ सकेंगे और पर्यटन की सम्भावनाएं विकसित होंगी। विशेष तौर पर थाईलैण्ड, सिंगापुर, लाओस, कम्बोडिया, जापान, कोरिया, श्रीलंका आदि देश भी इस एयरपोर्ट के माध्यम से जुड़ेंगे और पर्यटन, विकास व रोजगार की ढेर सारी सम्भावनाएं उत्पन्न होंगी।