#LakhimpurKhiri: मोदी के मंत्री का बेटा निकला किसानों का कातिल?

लखीमपुर में किसानों और भाजपाईयों के बीच हुई भिड़त के बाद प्रदेश का माहौल गर्म हो गया है। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि केंद्रीय मंत्री के बेटे ने ही किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल कर मार डाला है।

#LakhimpurKhiri: मोदी के मंत्री का बेटा निकला किसानों का कातिल?
#LakhimpurKhiri

लखीमपुर में किसानों और भाजपाईयों के बीच हुई भिड़त के बाद प्रदेश का माहौल गर्म हो गया है। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि केंद्रीय मंत्री के बेटे ने ही किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल कर मार डाला है। किसान यूनियन ने अपने ट्विट में लिखा - लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों को गृह राज्य मंत्री टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने गाड़ी से रौंदा 3 किसानों की मौत  तेजेंद्र सिंह विर्क के भी घायल होने की सूचना है। दरअसल, उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य रविवार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के गांव पहुंचने वाले थे, इसकी सूचना पाकर हजारों किसानों ने तिकुनियां कूच कर दिया। वहां किसानों ने महाराजा अग्रसेन खेल मैदान में बने डिप्टी सीएम के हेलीपैड पर कब्जा जमा लिया। किसानों की इस हरकत के बाद डिप्टी सीएम सड़क मार्ग के जरिए ही कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। उधर भड़के किसानों ने डिप्टी सीएम के स्वागत में लगे होर्डिंग को उखाड़कर फेंकने लगे। इसी दौरान किसानों के साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं की भिड़त हो गई। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।

हेलीपैड में किसानों ने लगाया टेंट

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हेलीपैड पर किसानों ने कब्जा जमा लिया। वहां हजारों की संख्या में किसानों ने देखते ही देखते टेंट लगा लिया और सरकार के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। बेकाबू किसानों को संभालने में पुलिस के पसीने छूटने लगे। किसानों को मनाने के लिए बीजेपी नेता भी पहुंचे, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने बीजेपी नेताओं की बात नहीं मानी। किसानों और बीजेपी नेताओं में गरमागरमी हो गई। इसके बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे ने कार चढ़ा दी। जिसमें चार किसानों की मौत हो गई। आक्रोशित किसानों ने अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी पर हमला कर दिया। किसी तरह आशीष जान बचाकर भाग गया, जबकि उसके ड्राइवर को भीड़ ने पीटकर मार डाला।

किसानों का कहना है कि वह केंद्रीय मंत्री के एक बयान से आहत से जिस पर वह उनका रुख जानना चाहते थे। इसी दौरान अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू दो गाड़ियों से उसी रास्ता निकले तो किसानों ने उनकी गाड़ी रोककर विरोध जताने की कोशिश की। किसानों का आरोप है कि ड्राइवर ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी। जिसमें कई किसान घायल हो गए। कुल 4 किसानों की मौत हो गई। मरने वाले किसानों में गुरविंदर सिंह बहराइच के मोहनिया गांव औऱ दलजीत सिंह बंजारा टांडा का रहने वाला था। हालांकि, गुस्साए किसानों ने ड्राइवर हरिओम की जमकर पिटाई कर दी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। वहीं आशीष मिश्रा किसी तरह जान बचाकर भागने में कामयाब रहा।

राकेश टिकैत ने क्या कहा?

लखीमपुर की घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अपने हक के लिए हम मुगलों और फिरंगियों के आगे भी नहीं झुके। सरकार किसान के धैर्य की और परीक्षा न ले। किसान मर सकता है पर डरने वाला नहीं है। सरकार होश में आए और किसानों के हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसानों से अपील है कि शांति बनाएं रखें, जीत किसानों की ही होगी। सरकार होश में ना आई तो भाजपा के एक भी नेता को घर से नहीं निकलने दिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री का बयान, जिस पर मचा बबाल

बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के एक बयान ने आज माहौल खराब कर दिया। केंद्रीय मंत्री का यह बयान करीब 10 दिन पहले का है। जब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था - आप भी किसान हैं। आप क्यों नहीं उतर गए आंदोलन में...अगगर मै उतर जाता तो उनको भागने का रास्ता नहीं मिला। पीठ पीछे काम करने वाले 10-15 लोग यहां पर शोर मचाते हैं तो फिर तो पूरे देश में आंदोलन फैल जाना चाहिए था। क्यों नहीं फैला 10-11 महीने हो गए। मैं ऐसे लोगों को कहना चाहता हूं सुधर जाओ...नहीं तो सामना करो आकर हम आपको सुधार देंगे दो मिनट लगेगा केवल..