राहुल गांधी के वीडियो पर भड़की बसपा सुप्रीमो मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने राहुल गांधी के वीडियो का नाटक करार दिया। मायावती ने एक के बाद एक कई ट्विट कर कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। 

राहुल गांधी के वीडियो पर भड़की बसपा सुप्रीमो मायावती
Mayawati And Rahul Gandhi

कुछ दिनों पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के सुखदेव विहार स्थित फ्लाईओवर के पास जाकर श्रमिकों से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने बातचीत को कैमरे में कैद कर लिया था। जिसका वीडियो कांग्रेस ने Youtube पर अपलोड किया है। जिसे लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती राहुल गांधी पर बिफर गई और उन्होंने मजदूरों के दुर्दशा के लिए सीधे-सीधे कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा दिया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने राहुल गांधी के वीडियो का नाटक करार दिया। मायावती ने एक के बाद एक कई ट्विट कर कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। 

बसपा चीफ मायावती ने पहले ट्विट में लिखा कि - आज पूरे देश में कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लम्बे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गाँव/शहरों में की होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में क्यों पलायन करना पड़ता? वहीं दूसरे ट्विट में उन्होंने राहुल गांधी के वीडियो को नौटंकी बताते हुए लिखा - वैसे ही वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लॉकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने सम्बंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम व नाटक ज्यादा लगता है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता।

वहीं मायावती ने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकारें कांग्रेस के पदचिन्हों पर ना चलकर, इन बेहाल घर वापसी कर रहे मजदूरों को उनके गांवों/शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर यदि अमल करती हैं तो फिर आगे ऐसी दुर्दशा इन्हें शायद कभी नहीं झेलनी पड़ेगी। इसके अलावा मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि बीएसपी के लोगों से भी पुनः अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गाँवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है तो ऐसे लोगों को भी अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है।